नई शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ आम-आवाम को सड़क पर उतरने की जरूरत – सबीर

● 31 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगेगा छात्र संसद
● आइसा जिला कमिटी की बैठक आयोजित

दरभंगा: गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन आइसा दरभंगा जिला कमिटी की बैठक मिर्जापुर स्थित आइसा जिला कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर आइसा राज्य सचिव सबीर कुमार भी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज और संचालन आइसा जिला सचिव मयंक कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए आइसा के बिहार राज्य सचिव सबीर कुमार ने कहा कि आज केंद्र की मोदी सरकार शिक्षा को निजीकरण की ओर धकेल रही है। नई शिक्षा नीति 2020 लाकर पुनः एक बार दलित-गरीब छात्र-छात्राओं को शिक्षा से वंचित करने की साजिश रच रही है। जिसे बिहार के छात्र-छात्राएं कभी बर्दाश्त नही करेंगे।।आगे उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 लाकर सरकारी महाविद्यालय को बंद करने की साजिश रची जा रही है। बिहार जैसे राज्य में ऑनलाइन शिक्षा की बात करना दलित-गरीबो के बच्चे को शिक्षा से बेदखल करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि विवि में शिक्षक, कर्मचारी के हजारों पद खाली हैं। पूरे बिहार के विवि में सत्र कई साल विलम्भ है। बिहार के छात्र समय रहते कहीं बाहर पढ़ाई के लिए नहीं जा सकते हैं। इसी बीच महंगाई, बेरोजगारी भी चरम पर है, सरकार इस आक्रोश को ढकने के लिए नई शिक्षा नीति 2020 लाकर शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण की ओर धकेल रही है। जिसे बिहार के छात्र-छात्रा बर्दाश्त नही करेंगे। उन्होंने कहा पूरे बिहार का विश्वविद्यालय लूट का अड्डा बन चुका है। मिथिला विवि के कुलपति और कुलसचिव पर कई तरह के संगीन आरोप भी लगे लेकिन आज तक कोई जांच नहीं हुई। उल्टे विवि प्रशासन के द्वारा बदले की भावना से करवाई की जा रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल मांग किया कि मिथिला विवि सहित पूरे बिहार के विवि के कुलपति व कुलसचिव के कार्यकाल की जांच हो और उनके अवैध सम्पत्ति की भी जांच हो। और इस सवाल को लेकर पूरे बिहार में पुनः एक बार आन्दोलन को और तेज किया जाएगा।

वहीं, आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज व जिला सचिव मयंक कुमार यादव ने कहा कि दरभंगा जिला में नई शिक्षा नीति के खिलाफ कॉलेज में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। और 10 हजार हस्ताक्षर कराकर 31 को मई को दिल्ली में आयोजित छात्र संसद में सैकड़ो छात्र शामिल होंगे। बैठक में ओणम कुमारी, राजू कर्ण, साजन दास,मिथिलेश कुमार, चंद्र मोहन कुमार, विशाल माझी, चंदन आजद शामिल थे।