दरभंगा: 6 मई से शुरू हो रहा तीन दिवसीय “दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल”, देशी एंवम विदेशी भाषाओं में दिखाई जाएंगी कुल 28 फिल्में

● शुक्रवार से शुरू हो रहा तीन दिवसीय “दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल”
● दरभंगा फ़िल्म क्लब के द्वारा 9वें वर्ष भी हो रहा ये फेस्टिवल, देशी एंवम विदेशी भाषाओं में दिखाई जाएंगी कुल 28 फिल्में
● ऐसे फ़िल्म फेस्टिवल से दरभंगा समेत पूरे मिथिला में कलाकारों को मिलेगा प्रोत्साहन
दरभंगा: बुधवार को दरभंगा फिल्म क्लब के द्वारा होने वाले 9वें दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय चलचित्र उत्सव को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर मौजूद दरभंगा फिल्म क्लब के कार्यकारिणी सदस्य एवं दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उत्सव के सचिव डा० कौशल कुमार ने फिल्म फेस्टिवल में दिखाए जाने वाले फिल्मों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह चलचित्र उत्सव 6, 7 एवम 8 मई को चंद्रधारी संग्रहालय, दरभंगा के प्रांगण में शाम के 4 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन डा० आलोक रंजन झा, मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के कर कमलों द्वारा किया जायेगा।
त्रिदिवसीय इस कार्यक्रम में कुल 28 फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस बार देशी एवम विदेशी भाषाओं की विभिन्न फिल्में दिखाई जाएंगी। जिसमे हिंदी, मैथिली, तमिल, ओड़िया, बंगला, मलयाली, अंग्रेजी, मराठी, जर्मन, कज़क, रशियन, हिब्रू, येद्दीश आदि भाषाओं की चुनी हुई फिल्में रहेंगी। मिथिला के फिल्म स्टार स्वर्गीय सुशांत सिंह राजपूत एवं स्वर्गीय नरेंद्र झा को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारे बीच से निकलकर विभिन्न भाषाओं के फिल्मों में कलाकार काम कर रहे हैं। इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचनी चाहिए। क्रांति प्रकाश झा, संजीव पूनम मिश्रा, राहुल सिन्हा, दुर्गेश चौधरी, संजय सिंह, राजीव सिंह, ललितेश झा, अनिल मिश्रा जैसे कई अनगिनत नाम हैं जो देश के विभिन्न फिल्म इंडस्ट्रीज में अपना परचम लहरा रहे हैं और इसी तरह के कलाकारों की हमारे यहां भरमार है जिन्हें आगे का रास्ता बताना ही इस फिल्म महोत्सव का उद्देश्य है। फिल्म का मतलब मात्र एक्टिंग ही नहीं होता है, फिल्म के विभिन्न क्षेत्र में भी संभावनाएं हैं जिसके बारे में लोगों का जानना बहुत आवश्यक है।
दरभंगा फिल्म क्लब के संस्थापक, अध्यक्ष एवं फेस्टिवल निदेशक मेराज सिद्दीकी ने कहा कि ऐसे आयोजन से फिल्म के क्षेत्र में रूचि रखने वालों के लिए सीखने और नई जानकारियां प्राप्त करने का अवसर मिलता है। रोज़गार के अवसर खुलते हैं। बाहर के फिल्मकार जब यहां आते हैं तो पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। इस आयोजन के दौरान यहां के लोगों के साथ – साथ फिल्म और थिएटर से जुड़े कलाकारों के बीच जानकारियों का आदान प्रदान होता है जिससे यहां के कलाकार बाहर जाकर भी अपने लिए अवसर तलाश सकते हैं। फिल्म की शूटिंग के उद्देश्य से भी मिथिला की धरती पर फिल्मकारों का आना मिथिला में फिल्म उद्योग स्थापित कर उसे बढ़ावा देने में बेहतर साबित होगा। इस अवसर पर फेस्टिवल संयोजक हरिवंश चित्रगुप्त और गायक कलाकार अमन अभिषेक श्रीवास्तव आदि मौजूद थे। सभी के द्वारा इस अवसर पर फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर का विमोचन किया गया।