दरभंगा: औरंगाबाद के रफीगंज में 6 लड़कियों के जहर खाने व चार की मौत पर ‘माले’ ने निकाला आक्रोश मार्च 

दरभंगा के बहादुरपुर प्रखण्ड के योगियारा से फेकला चौक तक भाकपा(माले) व ऐपवा के बैनर तले सामंती स्वर्ण साजिश में औरंगाबाद के रफीगंज में 6 लड़कियों के जहर खाने व 4 लड़कियों की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने, थानाध्यक्ष को निलंबित करने, दलित टोले पर आतंक का माहौल खत्म करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा व बची हुई लड़कियों की उचित इलाज कराने आदि मांगो को लेकर बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती पर  राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत आक्रोश मार्च निकाला गया।
इस अवसर पर पूर्व मुखिया दामोदर पासवान की अध्यक्षता में आयोजित प्रतिवाद सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) के जिला कमिटी सदस्य हरि पासवान ने कहा कि अखबार में प्रकाशित प्रेम प्रसंग के मामले में 6 लड़कियों द्वारा जहर खाने की बात कहीं से भी तार्किक प्रतीत नहीं हो रही है। आखिर किस दवा दुकान ने लड़कियों को जहर मुहैया कराया? यह मानी हुई बात है कि आज की तारीख में कोई भी दवा दुकान महिलाओं को चूहे मारने तक की दवा नहीं देती है अथवा किसी प्रकार का ड्र्ग्स बिना चिकित्सक के अनुमोदन के नहीं दिया जाता इसलिए प्रेम प्रसंग में जहर खाने का मामला किसी बड़ी साजिश को ढंक देने की एक बनाई हुई कहानी प्रतीत होती है। प्रथम दृष्टया हमें यही लग रहा है कि यह आत्म हत्या नहीं बल्कि हत्या है, जिसे साजिशन आत्महत्या कहा जा रहा है। अतः हम आज राज्यव्यापी विरोध दिवस के माध्यम से राज्य सरकार से मांग करते हैं कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि इतने वयापक पैमाने पर दलित लड़कियों की हुई मौतों की सच्चाई सबके सामने आ सके। आक्रोश मार्च का नेतृत्व भाकपा(माले) जिला कमिटी सदस्य हरि पासवान, ऐपवा नेत्री व जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी, पूर्व मुखिया दामोदर पासवान, आनन्दी देवी, मुखिया कुमारी नीलम , विनोद पासवान, फुदन कमिति, रौशन ठाकुर आदि ने किया।